नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026 पेश करते हुए शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) कारोबार पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का ऐलान किया।
इसके तहत फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने और ऑप्शंस पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से अत्यधिक सट्टेबाजी पर रोक लगेगी और बाजार में स्थिरता आएगी।
Impact on Derivatives and Market Sentiment: बजट में किए गए इस ऐलान के बाद डेरिवेटिव से जुड़े निवेशकों और ट्रेडर्स में चिंता देखने को मिली। बढ़े हुए एसटीटी से एफएंडओ ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे छोटे और रिटेल निवेशकों की सक्रियता घट सकती है, वहीं लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।
इसके अलावा सरकार ने शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में भी अहम बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अब बायबैक के तहत शेयर सरेंडर करने पर मिलने वाले सभी लाभों को कैपिटल गेन के दायरे में लाया जाएगा। इससे बायबैक से होने वाली आय पर पहले के मुकाबले अधिक टैक्स देना होगा।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि नई संरचना के तहत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और शेयरधारकों के विभिन्न वर्गों के बीच कराधान में समानता लाना है।
हालांकि, बजट 2026 में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को लेकर कोई नया ऐलान नहीं किया गया। बावजूद इसके, एफएंडओ और बायबैक टैक्स में बदलाव के असर से शेयर बाजार में भारी दबाव देखने को मिला।
बजट के बाद दोपहर एक बजे तक स्टॉक मार्केट से जुड़े प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का शेयर 10.50 प्रतिशत, सीडीएसएल 5.27 प्रतिशत, ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन 11 प्रतिशत, ग्रो 7.25 प्रतिशत और एचडीएफसी एएमसी 3.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।
कुल मिलाकर बाजार में भी गिरावट का माहौल रहा। सेंसेक्स 913 अंक या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,356 पर और निफ्टी 284 अंक या 1.10 प्रतिशत टूटकर 25,043 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बजट के इन प्रावधानों के असर पर अब निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर टिकी हुई है।
