राष्ट्रीय खेलों में सरबजोत सिंह की भागीदारी: त्रिशूल शूटिंग रेंज की तारीफ से खिलाड़ी और रेंज को मिली पहचान

खबर शेयर करें

देहरादून। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की त्रिशूल शूटिंग रेंज में आज एक शानदार दृश्य देखने को मिला, जब हरियाणा के प्रसिद्ध शूटर सरबजोत सिंह ने अपनी बेहतरीन शूटिंग से सभी का ध्यान आकर्षित किया। दस मीटर रेंज की शूटिंग स्पर्धा में सटीक निशाने लगाकर उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की की। यह वही सरबजोत सिंह हैं, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के साथ मिलकर कांस्य पदक जीता था।

सरबजोत सिंह त्रिशूल शूटिंग रेंज की तारीफ करते हुए बोले, “जिस तरह की शूटिंग रेंज यहां बनाई गई है, वैसी रेंज देश के अन्य हिस्सों में नहीं मिलती। दिल्ली और भोपाल की रेंज अच्छी हैं, लेकिन देहरादून की यह रेंज सर्वश्रेष्ठ है।”

यह भी पढ़ें 👉  योग दिवस पर पहली राष्ट्रीय योग नीति की सौगात, उत्तराखंड में बनेंगे दो योग नगर

सरबजोत ने आगे कहा, “शूटिंग में देश का भविष्य उज्जवल है और उत्तराखंड से भी उत्कृष्ट खिलाड़ी उभर सकते हैं।” पेरिस ओलंपिक में कांस्य जीतने के बाद उनकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई है, लेकिन उन्होंने अपनी सफलता को साधारण तरीके से जीने का जिक्र किया। उनका कहना था, “अभी मेरा पूरा फोकस केवल खेल पर है, और लक्ष्य सिर्फ अपनी बेहतरीन प्रदर्शन देना है।”

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों में गूंजेगी लोकधुन, 12 जिलों में बनेंगे आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

शूटिंग रेंज को मिली मान्यता

सरबजोत सिंह जैसे स्टार खिलाड़ी का त्रिशूल शूटिंग रेंज पर खेलना रेंज के निर्माण में योगदान देने वालों के लिए गर्व का पल था। रेंज के तकनीकी सहयोगी अरुण सिंह ने कहा, “यह रेंज अपनी कसौटी पर खरा उतरी है और सरबजोत जैसे बड़े खिलाड़ी के इस रेंज पर खेलकर इसकी तारीफ करना, हम सब के लिए बड़ी उपलब्धि है।”

यह भी पढ़ें 👉  वायरल वीडियो पर बोले कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी-“आधी वीडियो दिखाकर मेरी छवि धूमिल करने की साजिश”

प्रशंसकों से सरबजोत की मुलाकात

मैच के बाद जब सरबजोत रेंज से बाहर आए, तो उनके प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया और फोटो खिंचवाने की मांग की। 6 वर्षीय सानवी और वालंटियर अनिरूद्ध समेत कई लोग सरबजोत से मिले और उन्हें अपना आदर्श बताया। भारतीय शूटिंग टीम में जगह बनाने के लिए प्रयासरत अर्श ठाकुर और उन्नति ने कहा कि सरबजोत से मिलकर उनका उत्साह दोगुना हो गया है।