शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,600 के करीब…निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

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मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि कुछ ही मिनटों में दलाल स्ट्रीट लाल निशान से भर गई। सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी करीब 250 अंक फिसलकर 23,600 के स्तर के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।

शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक यानी करीब एक प्रतिशत टूटकर 75,535 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी-50 भी करीब 250 अंक लुढ़ककर 23,619 के स्तर तक फिसल गया। बाजार में बिकवाली का असर लगभग सभी सेक्टरों में देखने को मिला।

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सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप-100 और निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक भी करीब एक-एक प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों ने व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली और बिकवाली की।

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इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की दौलत पर पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 477 लाख करोड़ रुपये से घटकर 473 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यानी कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और निवेशकों की सतर्क रणनीति के चलते घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बना। ऐसे माहौल में बैंकिंग, आईटी, वित्तीय सेवाओं और कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।

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विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में बढ़ी अस्थिरता के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सतर्कता के साथ निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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