चीन की कोयला खदान में मौत का तांडव: भीषण गैस विस्फोट में 82 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे

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चीन में एक बार फिर खदान हादसे ने तबाही की दर्दनाक तस्वीर सामने ला दी है। देश के उत्तरी प्रांत शांक्सी में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट में कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूरों के अब भी खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

सरकारी मीडिया के अनुसार यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार शाम चांगझी शहर स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में हुआ। उस समय बड़ी संख्या में मजदूर भूमिगत स्तर पर काम कर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट के बाद खदान के भीतर धुआं और जहरीली गैस फैल गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

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सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक शुरुआती रिपोर्टों में करीब 247 मजदूरों के खदान में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। शनिवार सुबह शुरुआती जानकारी में आठ लोगों की मौत और 38 मजदूरों के फंसे होने की बात सामने आई थी, लेकिन जैसे-जैसे राहत अभियान आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या बढ़कर 82 तक पहुंच गई।

हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। आपातकालीन टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया और लगातार मलबा हटाकर खदान के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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घटना के बाद Xi Jinping ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और खदान में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

सरकारी मीडिया के मुताबिक खदान संचालन से जुड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि हादसे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती जांच में खदान के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर तय मानकों से काफी अधिक पाया गया। यह गैस बेहद जहरीली और बिना गंध वाली होती है, जो बंद स्थानों में कुछ ही समय में जानलेवा साबित हो सकती है।

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हादसे के बाद चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने राहत कार्यों के लिए छह विशेष रेस्क्यू टीमों के 345 कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया है। बचाव दल लगातार खदान के भीतर रास्ता बनाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 2000 के दशक की शुरुआत में चीन की कोयला खदानों में इस तरह के घातक हादसे अक्सर सामने आते थे। हालांकि बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा मानकों को सख्त बनाया गया है, लेकिन इस बड़े हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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