गंदगी, एक्सपायरी सामान और बिना पंजीकरण संचालन पर एडीएम कोर्ट सख्त
नैनीताल: खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय न्याय निर्णयन अधिकारी एडीएम विवेक राय की अदालत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत लंबित वादों की सुनवाई करते हुए कुल 11 प्रतिष्ठानों पर 4 लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। जांच में गंदगी, दूषित खाद्य सामग्री परोसने, एक्सपायरी तिथि का सामान रखने, आवश्यक पंजीकरण न होने और अन्य गंभीर कमियां पाई गईं।
Strict Action Under Food Safety Act in Nainital: खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई जांच में कई प्रतिष्ठानों में मानकों का उल्लंघन सामने आया। अदालत ने कुशाल सिंह नेगी के संस्थान कॉर्बेट रिजॉर्ट एडवेंचर रिसॉर्ट आन्या, रिजॉर्ट एंड स्पा प्राइवेट लिमिटेड बैलपड़ाव रामनगर और इसकी एक इकाई इनोवा-8 साकेत फोर्ट स्टेजडोर नई दिल्ली पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
रोहित जोशी, प्रबंधक होटल आरिफ कास्टल इंडस्ट्रीज मल्लीताल पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जो इस कार्रवाई में सबसे अधिक है।
इसके अलावा बुद्धि सागर मै. दिल्ली के मशहूर राजमा चावल बेस अस्पताल हल्द्वानी – ₹20,000, अख्तर खान मै. उत्तरांचल किराना स्टोर रेलवे बाजार लाइन पार लालकुआं – ₹50,000, अमित अग्रवाल मै. गणपत राम एंड संस, मेन मार्केट लालकुआं – ₹50,000, धीरेंद्र मै. कुमाऊंनी रसोई शिक्षा नगर लामाचौड़ हल्द्वानी – ₹25,000, योगेश सनवाल मै. सिक्स सीजन रिजॉर्ट नया गांव कालाढूंगी – ₹50,000, आशीष सिंह मै. त्रिदेव रेस्टोरेंट, सलड़ी पो. अमृतपुर नैनीताल पर ₹25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसी क्रम में संजय पाल (कठघरिया चौराहा कालाढूंगी रोड हल्द्वानी) पर 25 हजार रुपये, राजेंद्र प्रसाद (मै. प्रजापति सेल्स, केमू स्टेशन अलंकार होटल हल्द्वानी) पर 20 हजार रुपये तथा सुनील पाल (आरके मटन एंड चिकन शॉप हल्द्वानी) पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
उपभोक्ताओं को भी दी गई सख्त हिदायत
एडीएम विवेक राय ने स्पष्ट कहा कि खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय दुकानों की साफ-सफाई, उत्पाद की गुणवत्ता और एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
