देहरादून। राज्य परिवहन प्राधिकरण उत्तराखंड की बैठक बुधवार को अध्यक्ष एवं परिवहन आयुक्त बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें स्कूल वाहनों के परिवहन शुल्क को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में स्कूल बसों, टैक्सी और मैक्सी जैसे ठेका वाहनों के लिए परिवहन शुल्क निर्धारित किया गया। इसके लिए गठित समिति ने वाहन लागत, ईंधन, वेतन, बीमा, मेंटेनेंस सहित सभी खर्चों का अध्ययन कर अपनी संस्तुति दी थी, जिस पर विचार करते हुए शुल्क तय किया गया।
स्कूल बसों के लिए मासिक शुल्क (प्रति छात्र):
- 1 से 10 किमी तक: ₹2200
- 10 से 20 किमी तक: ₹2700
- 20 से 30 किमी तक: ₹3200
- 30 किमी से अधिक: ₹3700
स्कूल वैन/मैक्सी के लिए मासिक शुल्क (प्रति छात्र):
- 1 से 5 किमी तक: ₹2100
- 5 से 10 किमी तक: ₹2500
- 10 से 20 किमी तक: ₹3000
- 20 किमी से अधिक: ₹3500
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सभी खर्चों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि परिवहन व्यवस्था सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे। बैठक का संचालन सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण सनत कुमार सिंह ने किया।
इस निर्णय से प्रदेश में स्कूल परिवहन शुल्क को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति खत्म होने की उम्मीद है।

