देहरादून। देहरादून फुटबॉल एकेडमी (डीएफए) द्वारा आयोजित अंडर-14, ओपन एज और 45 प्लस वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन डीएफए मैदान, गूलरघाटी रोड, भागीरथी इन्क्लेव में हुआ। तीन दिवसीय इस टूर्नामेंट में देशभर से 30 से अधिक टीमों और लगभग 650 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर रोमांचक मुकाबले पेश किए।
डीएफए के संस्थापक अध्यक्ष व हेड कोच डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रतियोगिता 3 जनवरी से शुरू होकर लीग-कम-नॉकआउट आधार पर खेली गई। अंडर-14 वर्ग के फाइनल में देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने दिल्ली एफसी को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस वर्ग में अक्स नेगी को बेस्ट प्लेयर और आशुतोष भट्ट को बेस्ट गोलकीपर चुना गया।
ओपन एज वर्ग का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने गढ़वाल एफसी दिल्ली को टाईब्रेकर में 5-4 से पराजित किया। डीएफए के अमन फर्शेवान को बेस्ट प्लेयर और प्रियांशु रावत को बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार मिला।
45 प्लस वर्ग के फाइनल में हिमालयन एफसी ऋषिकेश ने पहाड़ी बॉयज एफसी को 2-1 से हराकर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस वर्ग में मुकेश नेगी को बेस्ट प्लेयर और विजय बिष्ट को बेस्ट गोलकीपर घोषित किया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि आर्मी सर्विसेज खिलाड़ी कैप्टन धीरज थापा समेत पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी मनीष शर्मा, सुनील शर्मा, विनेश राणा और रघुबीर कैश ने विजेता-उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए।
टूर्नामेंट के दौरान डीएफए की ओर से सभी टीमों के करीब 650 खिलाड़ियों को निःशुल्क पारंपरिक पहाड़ी भोजन भात, भडू की दाल और चाय परोसी गई, जिसकी खिलाड़ियों और दर्शकों ने सराहना की।
डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, नियमित फिटनेस पर ध्यान देने और नशा, फास्ट फूड व मोबाइल से दूरी बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि यह वर्ष का पहला टूर्नामेंट था और आने वाले महीनों में डीएफए द्वारा 4 से 5 बड़े टूर्नामेंट और आयोजित किए जाएंगे।
