कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर विदेशी श्रद्धालु की आस्था बनी आकर्षण का केंद्र, पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे, वहीं सात समंदर पार अमेरिका से आए एक विदेशी भक्त की आस्था भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। अमेरिका निवासी मैक्स विलियम्स पहली बार कैंची धाम पहुंचे और बाबा के दरबार में पहुंचकर भावुक हो उठे।
मैक्स ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने रामदास जी के व्याख्यानों और आध्यात्मिक विचारों को सुनना शुरू किया था। इन्हीं शिक्षाओं से प्रेरित होकर उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ा और धीरे-धीरे उनका जीवन बाबा नीब करौरी महाराज की शिक्षाओं और सेवा के प्रति समर्पित हो गया।
कैंची धाम पहुंचने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए मैक्स ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे विशेष क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा, “यहाँ आकर मुझे असीम शांति की अनुभूति हो रही है। यहां का वातावरण बेहद सकारात्मक है और लोग बहुत ही मिलनसार एवं दयालु हैं। जैसे ही मैंने इस पावन भूमि पर कदम रखा, मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो स्वयं बाबा ने मुझे अपने घर वापस बुला लिया हो।”
उन्होंने बताया कि अन्य साथी भक्तों के सहयोग से वह पहली बार भारत और कैंची धाम पहुंचे हैं। वर्षों से बाबा के प्रति श्रद्धा रखने के बावजूद उनके मन में इस स्थान को देखने की तीव्र इच्छा थी, जो स्थापना दिवस के अवसर पर पूरी हुई।
कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़ के बीच मैक्स ने नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और प्रभावी रही। श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
गौरतलब है कि बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में गहरी आस्था है। अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों से बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु हर वर्ष कैंची धाम पहुंचते हैं। सोशल मीडिया और आध्यात्मिक साहित्य के माध्यम से बाबा के संदेश आज वैश्विक स्तर पर लोगों तक पहुंच रहे हैं।

