शिकायत और आरटीआई के बाद हरकत में आए विभाग, डॉ. रावल वाली गली में नई पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू
हल्द्वानी। मुखानी क्षेत्र स्थित कपिलाज रेस्टोरेंट के पास डॉ. रावल वाली गली में पिछले लगभग दो दशकों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की उम्मीद अब जगी है। समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट Hemant Singh Gauniya द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आए हैं। शिकायत, जनसुनवाई और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत की गई पहल के परिणामस्वरूप अब क्षेत्र में नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ चुकी है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, हेमंत सिंह गौनिया ने 29 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय और संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर क्षेत्र की गंभीर पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया था। शिकायत में बताया गया कि डॉ. रावल वाली गली के लगभग 20 से 25 परिवार पिछले 20 वर्षों से नियमित पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। क्षेत्र में कोई स्थायी सरकारी पाइपलाइन नहीं होने के कारण लोग अस्थायी और जर्जर व्यवस्था पर निर्भर हैं, जो अक्सर चोक हो जाती है या क्षतिग्रस्त हो जाती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने 5 मई 2026 को उत्तराखंड जल संस्थान को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने और समस्या के समाधान की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जल संस्थान ने अपनी जांच में स्वीकार किया कि संबंधित क्षेत्र में विधिवत पेयजल पाइपलाइन मौजूद नहीं है और मुख्य लाइन से दूरी अधिक होने के कारण लोगों को लगातार जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जल संस्थान ने आगे की कार्रवाई करते हुए 14 मई 2026 को उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) को पत्र भेजकर क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने का अनुरोध किया। इसके जवाब में यूयूएसडीए ने 19 मई 2026 को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि एडीबी सहायतित हल्द्वानी पेयजल परियोजना के अंतर्गत डॉ. रावल वाली गली में नई पेयजल लाइन बिछाने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। यह कार्य परियोजना के पैकेज-2 के अंतर्गत कराया जाएगा।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार, जज फार्म नर्सरी में निर्माणाधीन 1800 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक से भविष्य में इस क्षेत्र को नियमित पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे स्थानीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी में यह भी सामने आया कि 18 अप्रैल 2026 को ट्यूबवेल की विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग ने बाद में ट्यूबवेल का संचालन बहाल कर जलापूर्ति सामान्य करने की जानकारी दी। इसके अलावा भाजपा कार्यालय के समीप स्थित स्लूस वाल्व की मरम्मत भी कराई गई।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने अपने आधिकारिक पत्रों में नई पाइपलाइन की आवश्यकता को स्वीकार किया है और इसके लिए यूयूएसडीए को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि एक स्थानीय जनसमस्या अब प्रशासनिक प्राथमिकता में शामिल हो चुकी है।
समाजसेवी हेमंत सिंह गौनिया का कहना है कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाकर स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक वह इस मामले की लगातार निगरानी करते रहेंगे।
गौरतलब है कि हेमंत गौनिया लंबे समय से सड़क, पेयजल, विद्यालय, खेल मैदान, सुरक्षा दीवार और विभिन्न जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाते रहे हैं। आरटीआई और जनसुनवाई जैसे वैधानिक माध्यमों के जरिए उन्होंने कई विकास कार्यों को गति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

