नई दिल्ली। डिजिटल युग में पैन कार्ड (PAN Card) अब सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपकी आर्थिक पहचान की रीढ़ बन चुका है। नौकरी ज्वॉइन करने से लेकर शेयर बाजार में निवेश, बैंकिंग लेन-देन और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने तक—हर जगह पैन कार्ड अनिवार्य है। ऐसे में अगर पैन कार्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या पता गलत हो, तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
अक्सर लोग छोटी-सी गलती सुधारने के लिए सरकारी दफ्तरों और एजेंटों के चक्कर काटते हैं, लेकिन अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग ने पैन कार्ड में सुधार की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है।
इन दो वेबसाइट्स से मिनटों में होगा सुधार
आयकर विभाग की ओर से पैन कार्ड में सुधार के लिए NSDL और UTIITSL की आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध कराई गई हैं। यहां से आप बिना किसी एजेंट के, घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शी है, बल्कि समय और पैसे—दोनों की बचत भी करती है।
स्टेप-बाय-स्टेप जानिए ऑनलाइन सुधार का तरीका
पैन कार्ड में नाम, पता या जन्मतिथि में बदलाव के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया अपनाएं
वेबसाइट पर जाएं: NSDL या UTIITSL की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और ‘Changes/Correction in PAN’ विकल्प पर क्लिक करें।
फॉर्म भरें: पैन नंबर, नाम, जन्मतिथि और ईमेल आईडी जैसी जरूरी जानकारी दर्ज करें।
टोकन नंबर सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट करने के बाद एक 15 अंकों का यूनिक टोकन नंबर मिलेगा, जिसे भविष्य के लिए संभालकर रखें।
सुधार का विकल्प चुनें: जिस जानकारी में बदलाव करना है—नाम, जन्मतिथि या पता—उसे टिक करें और सही विवरण भरें।
दस्तावेज अपलोड करें: पहचान और पते के प्रमाण, जन्मतिथि का दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर स्कैन कर अपलोड करें।
फीस जमा करें: निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें और Acknowledgement Slip डाउनलोड कर लें।
सावधान रहें: फर्जी दस्तावेज पड़े सकते हैं भारी
पैन कार्ड में सुधार या नया पैन बनवाते समय गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देना गंभीर अपराध है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फर्जी पैन कार्ड बनवाने पर 6 महीने तक की जेल और 10 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
इसके अलावा, यूआईडीएआई (UIDAI) के नियमों के तहत फर्जी आधार कार्ड बनवाने पर 3 साल तक की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसलिए पैन कार्ड से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में सिर्फ सही और सत्य जानकारी दें, ताकि भविष्य में किसी कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
