तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने अपने नवनिर्मित आत्मघाती ड्रोन ‘हदीद-110’ का इस्तेमाल करते हुए अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले के दौरान ‘या फातिमेह अल-जहरा (अलैहिस्सलाम)’ का नारा दिया गया। चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) यूरोप की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरानी ड्रोन यूनिट ने इसी कोड नाम के तहत अमेरिका की दिशा में ‘हदीद-110’ आत्मघाती ड्रोन लॉन्च किया।
बताया जा रहा है कि ‘हदीद-110’, जिसे ‘दलाहू’ के नाम से भी जाना जाता है, जेट-प्रोपेल्ड सुसाइड ड्रोन की श्रेणी में ईरान की नई उपलब्धि है। इसे ‘प्रॉमिस ऑफ द ट्रुथ’ अभियान के तहत इस्तेमाल किया गया।
जेट इंजन बना सबसे बड़ी ताकत
विशेषज्ञों के मुताबिक, ‘हदीद-110’ का सबसे बड़ा अंतर इसका जेट इंजन है, जो इसे पारंपरिक प्रोपेलर आधारित ड्रोन से कहीं अधिक तेज और घातक बनाता है। जहां सामान्य यूएवी धीमी गति और कम ऊंचाई के कारण आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली के सामने कमजोर साबित होते हैं, वहीं यह नया ड्रोन लक्ष्य तक पहुंचने का समय काफी कम कर देता है।
इससे दुश्मन के लिए इसे ट्रैक करना और इंटरसेप्ट करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वायु रक्षा में हर सेकंड की देरी लक्ष्य को बचाने की संभावना घटा देती है।
350 किमी रेंज, 510 किमी/घंटा की रफ्तार
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ‘हदीद-110’ की अधिकतम गति 510 किमी प्रति घंटा है और यह 350 किमी तक मार कर सकता है। यह करीब 30 हजार फीट (9,144 मीटर) की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और 30 किलोग्राम तक वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी उड़ान अवधि लगभग एक घंटे तक बताई गई है।
सैन्य अभ्यास में भी हुआ इस्तेमाल
इस ड्रोन का उपयोग ‘साहंद-2025’ नामक पांच दिवसीय आतंकवाद विरोधी सैन्य अभ्यास में भी किया गया, जो शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में आयोजित हुआ था।
मिसाइल सिस्टम भी सक्रिय
इसी बीच आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने जवाबी कार्रवाई के नए चरण की घोषणा करते हुए ‘फतेह’ और ‘खैबर-शाकान’ मिसाइलों के लिए दोहरी प्रक्षेपण प्रणाली तैनात करने की जानकारी दी है।
पश्चिम एशिया में इस ताजा घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
