भारतीय नौसेना ने दिखाई ताकत, सफल एंटी-शिप फायरिंग के जरिए दिया दुश्मनों को करारा संदेश

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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराते हुए सफलतापूर्वक एंटी-शिप फायरिंग का प्रदर्शन किया है। रविवार को नौसेना ने बताया कि इस परीक्षण के जरिए लंबी दूरी के सटीक आक्रामक हमले के लिए प्लेटफॉर्म, सिस्टम और चालक दल की पूर्ण तैयारियों को प्रमाणित किया गया है।

भारतीय नौसेना ने कहा कि वह किसी भी समय, कहीं भी और किसी भी प्रकार से देश की रक्षा के लिए सतर्क और सक्षम है। कई सफल एंटी-शिप फायरिंग के जरिए नौसेना ने अपनी युद्ध क्षमता और तत्परता का मजबूत प्रदर्शन किया है।

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इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। मरने वालों में दो सैन्य अधिकारी भी शामिल थे, जिनमें एक भारतीय नौसेना का अधिकारी भी था, जो परिवार के साथ छुट्टियां मनाने आया था। आतंकियों ने हमले के दौरान पर्यटकों का नाम पूछकर उन पर निशाना साधा था।

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हमले के 48 घंटे के भीतर भारत ने अपने शत्रुओं को कड़ा संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण भी किया। भारतीय नौसेना के स्वदेशी विध्वंसक आईएनएस सूरत से अरब सागर में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सफलतापूर्वक दागी गई। इस परीक्षण में आईएनएस सूरत ने समुद्र में लक्ष्य को सटीकता से भेदते हुए अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। यह विध्वंसक दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है।

भारत के कड़े कदमों से पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है। बीती रात 26-27 अप्रैल को भी पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे के नियंत्रण रेखा (LoC) के तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर में छोटे हथियारों से फायरिंग की। भारतीय सेना ने भी प्रभावी ढंग से जवाब दिया।

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भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में कई अहम बैठकों के जरिए हालात की समीक्षा की और सैनिकों की तैयारियों का जायजा लिया। सेना और नौसेना दोनों ही मोर्चों पर पूरी सतर्कता और मजबूती से देश की रक्षा के लिए मुस्तैद हैं।

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