रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड ने एक बार फिर अपना वीर सपूत खो दिया है। जिले के आगर–दशज्यूला गांव निवासी एवं 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह राणा (36) अरुणाचल प्रदेश में देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। शहादत की खबर मिलते ही पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है और गांव में मातम का माहौल है।
Martyrdom of Havaldar Ravindra Singh Rana Leaves the Region in Mourning: प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवलदार रविन्द्र सिंह राणा पुत्र सतेंद्र सिंह राणा वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के अलोंग क्षेत्र में तैनात थे। 18 जनवरी को भारत माता की सेवा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। वे अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि रविन्द्र सिंह सरल, मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के थे। वे गांव के हर वर्ग में अत्यंत लोकप्रिय थे और हमेशा सभी की मदद के लिए तत्पर रहते थे। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह ने बताया कि रविन्द्र सिंह वर्ष 2008 में 15 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे और तब से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश सेवा में जुटे रहे।
ग्राम प्रधान आगर चन्द्रकला देवी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र की आंखें नम हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य सारी जयवर्धन कांडपाल ने कहा कि रविन्द्र सिंह का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन उनके असमय चले जाने से न केवल गांव बल्कि पूरे जनपद में शोक की लहर है।
शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह राणा का पार्थिव शरीर सोमवार रात्रि तक रुद्रप्रयाग स्थित आर्मी कैंप पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव आगर–दशज्यूला ले जाया जाएगा। इसके पश्चात अलकनंदा–मंदाकिनी संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
