हल्द्वानी। खानपान में जरा-सी असावधानी किस तरह गंभीर खतरे में बदल सकती है, इसका ताजा उदाहरण हल्द्वानी से सामने आया है। चंपावत जिले की रहने वाली 55 वर्षीय महिला के लिए चिकन का सेवन भारी पड़ गया। भोजन के दौरान चिकन की एक नुकीली हड्डी और मांस का टुकड़ा महिला के गले में फंस गया, जिसकी जानकारी उसे तुरंत नहीं हो पाई। जब गले में तेज दर्द और सूजन बढ़ने लगी, तब जाकर मामला अस्पताल तक पहुंचा। समय रहते सही जांच और डॉक्टरों की तत्परता से महिला की जान बचाई जा सकी।
What Happened After Eating Chicken?: प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंपावत निवासी शकुंतला देवी ने 12 जनवरी की रात घर पर चिकन का सेवन किया था। भोजन के समय उन्हें कोई विशेष परेशानी महसूस नहीं हुई। लेकिन अगले दिन गले में हल्का दर्द शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे सूजन और तेज पीड़ा में बदल गया। हालत ऐसी हो गई कि निगलने में भी दिक्कत होने लगी। परिजन उन्हें तत्काल चंपावत जिला अस्पताल ले गए।
प्राथमिक जांच में संदेह, फिर STH किया गया रेफर
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का एक्स-रे कराया। जांच में गले के भीतर किसी बाहरी वस्तु के फंसे होने की आशंका जताई गई। गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) रेफर कर दिया।
CT Scan Confirms the Danger: एसटीएच पहुंचने के बाद ईएनटी विभाग द्वारा महिला का सीटी स्कैन कराया गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला के गले में चिकन की नुकीली हड्डी और मांस का टुकड़ा फंसा हुआ है, जो आसपास के टिश्यू में सूजन और संक्रमण का कारण बन रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यदि इसमें और देर होती, तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती थी।
सफल ऑपरेशन से टली बड़ी अनहोनी
ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अचिन पंत के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने बृहस्पतिवार को महिला का ऑपरेशन किया। कड़ी सावधानी के साथ गले में फंसी हड्डी और मांस के टुकड़े को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद महिला को निगरानी में वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी हालत में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
डॉक्टरों की सलाह: सावधानी ही सुरक्षा
डॉ. अचिन पंत का कहना है कि चिकन, मछली या अन्य मांसाहारी भोजन करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में इस तरह की घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं और जल्दबाजी से बचें। यदि भोजन के बाद गले में दर्द, सूजन, निगलने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
यह घटना साफ तौर पर बताती है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी में बदल सकती है। समय पर जांच, सही रेफरल और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सतर्कता ने एक महिला की जान बचा ली। साथ ही यह मामला आम लोगों के लिए भी चेतावनी है कि खानपान के दौरान सतर्कता और लक्षण दिखते ही इलाज कराना कितना जरूरी है।
