ईरान में इस्लामी शासन के खिलाफ उग्र विद्रोह…गोलीबारी में 217 मौतों का दावा, इंटरनेट बंद, तख्तापलट जैसे हालात

खबर शेयर करें

तेहरान। ईरान में इस्लामी शासन के विरुद्ध जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों से सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम मैगजीन से बातचीत में एक ईरानी डॉक्टर ने, पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर, दावा किया है कि तेहरान के केवल छह अस्पतालों में अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। डॉक्टर के अनुसार, अधिकांश मौतें Gunshot Injuries के कारण हुई हैं, हालांकि टाइम ने इन आंकड़ों की Independent Verification नहीं की है।

यदि यह आंकड़ा सही है, तो यह ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों पर अब तक के सबसे Brutal State Crackdown की ओर संकेत करता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने देशभर में Internet & Telephone Services Shutdown कर दी हैं, जिससे सूचनाओं का प्रवाह बाधित हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  भारत ने ख्वाजा आसिफ के सोशल मीडिया अकाउंट पर कसा शिकंजा, परमाणु धमकी पर कड़ा रुख

ये विरोध प्रदर्शन 28 December को आर्थिक बदहाली और महंगाई के विरोध में शुरू हुए थे, लेकिन अब यह आंदोलन ईरान के All 31 Provinces में फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों की मांगें अब सीधे Regime Change तक पहुंच गई हैं। सड़कों पर लोग “Freedom”, “Down with Dictator” जैसे नारे लगा रहे हैं।

तेहरान के डॉक्टर के अनुसार, जैसे-जैसे आंदोलन तेज हुआ, कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने Direct Firing on Protesters की। शुक्रवार को अस्पतालों से शव हटाए गए। मृतकों में बड़ी संख्या Young Protesters की बताई जा रही है। उत्तरी तेहरान के एक पुलिस थाने के बाहर Machine Gun Firing में कई लोग मौके पर ही मारे गए, जबकि कम से कम 30 Injured हुए। हालांकि अधिकांश प्रदर्शन Peaceful Protest बताए जा रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर Government Property Damage और तेहरान की Al-Rasool Mosque Set on Fire होने की सूचना भी मिली है।

यह भी पढ़ें 👉  रूसी हमले से दहला कीव, 5 बच्चों समेत 31 की मौत, 159 घायल

मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े डॉक्टर के दावे से कम हैं। वॉशिंगटन स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार अब तक 63 Deaths Confirmed, जिनमें 49 Civilians शामिल हैं। ईरान में Media Censorship और विदेशी पत्रकारों पर कड़े प्रतिबंधों के चलते मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास बना हुआ है।

इस बीच ईरानी नेतृत्व ने Hardline Stand अपनाया है। Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei ने कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी तरह के “उपद्रव” के आगे नहीं झुकेगा। तेहरान के सरकारी अभियोजक ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को Death Penalty तक दी जा सकती है। वहीं Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के एक अधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखने की अपील करते हुए कहा कि गोली लगने की स्थिति में No Complaints Will Be Entertained

यह भी पढ़ें 👉  गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सामूहिक अपराध में हर आरोपी जिम्मेदार

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खामेनेई सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो इसके Serious Consequences होंगे। ईरान में गहराता Economic Crisis, डॉलर के मुकाबले Rial at Record Low, Water Shortage और Power Cuts ने जनता के असंतोष को और भड़का दिया है। मौजूदा हालात देश को Revolution-like Situation की ओर धकेलते दिख रहे हैं।