दुबई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। बुधवार सुबह दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल Dubai International Airport पर ड्रोन हमला होने से हड़कंप मच गया। हमले में एक भारतीय नागरिक समेत चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद United Arab Emirates की सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर जांच शुरू कर दी है।
ड्रोन गिरने से अफरातफरी, भारतीय नागरिक भी घायल
दुबई अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह एयरपोर्ट के परिचालन क्षेत्र के पास दो ड्रोन गिरे। इस घटना में दो घाना के नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक घायल हो गए। हालांकि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण हालात को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और हवाई सेवाओं को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए सख्त एडवाइजरी, उड़ानों में देरी
दुबई इंटरनेशनल और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करने वाली संस्था ‘दुबई एयरपोर्ट्स’ ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से कहा गया है कि वे तभी एयरपोर्ट पहुंचें जब उनकी एयरलाइन उड़ान के समय की पुष्टि कर दे।
फिलहाल उड़ानों के संचालन में औसतन 60 से 90 मिनट तक की देरी दर्ज की जा रही है और शेड्यूल पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाया है।
एक सप्ताह में दूसरा हमला
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 1 मार्च को भी एयरपोर्ट के एक हिस्से को ड्रोन हमले से निशाना बनाया गया था, जिसमें चार कर्मचारी घायल हो गए थे। उस समय एयरपोर्ट के इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान के कारण यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और बड़ा हादसा टल गया था।
विमानन क्षेत्र पर गहरा असर
बताया जा रहा है कि Iran से जुड़े हमलों के कारण मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में बड़ा संकट पैदा हो गया है। 28 फरवरी से अब तक क्षेत्र के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर 40 हजार से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
दुबई, दोहा, अबू धाबी, शारजाह, कुवैत और बहरीन जैसे प्रमुख केंद्रों से संचालित करीब 51,600 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार अकेले यूएई में उड़ानें रद्द होने से एक समय में लगभग 20,200 यात्री फंसे हुए हैं।
