कुशीनगर। जनपद के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत परसा गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। पारिवारिक विवाद और नशे की लत के चलते 30 वर्षीय युवक ने अपनी पत्नी और मां की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी के व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिले।
Brutal Double Murder Shocks Kushinagar Village : जानकारी के अनुसार, परसा गांव निवासी सिकंदर (30) पुत्र स्व. बनवारी की पत्नी प्रियंका (28) और मां रूना देवी (60) रोज की तरह सोमवार सुबह घर की छत पर अलाव ताप रही थीं। इसी दौरान नशे की हालत में सिकंदर वहां पहुंचा। शराब पीने को लेकर पत्नी के विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर सिकंदर ने छत पर पड़े पत्थर के टुकड़े से पत्नी के सिर पर पीछे से हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने आई मां की भी हत्या
पत्नी पर हमले के दौरान मां रूना देवी बहू को बचाने आगे आईं, लेकिन सिकंदर ने उन पर भी उसी पत्थर से वार कर दिया। दोनों के अचेत होने के बाद उसने पत्थर से सिर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही मां-बेटे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक वह छत पर ही मौजूद रहा, लेकिन आसपास के लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी।
करीब सुबह 9:30 बजे छत से मांस के कुछ टुकड़े नीचे सड़क पर फेंके जाने लगे। राहगीरों और ग्रामीणों को जब इस पर शक हुआ तो उन्होंने घर वालों को आवाज दी। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर कुछ युवक छत पर चढ़ने लगे, जिस पर सिकंदर ने उन पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पकड़ा आरोपी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से आरोपी को काबू में लिया गया। उसके दोनों हाथ खून से सने हुए थे और चेहरा पूरी तरह भावशून्य बताया जा रहा है। पुलिस जब उसे थाने ले जा रही थी तो वह पुलिसकर्मियों पर थूकता रहा, लेकिन ग्रामीणों से नजरें नहीं मिला रहा था। हत्या में प्रयुक्त पत्थर का टुकड़ा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
हालांकि, पुलिस ने शवों से मांस नोचकर खाने की बात से इनकार किया है।
पारिवारिक तनाव और नशे की लत बनी वजह
ग्रामीणों के अनुसार, सिकंदर की शादी को चार साल हो चुके थे, लेकिन दंपती को कोई संतान नहीं थी, जिससे परिवार में तनाव बना रहता था। सिकंदर नशे का आदी था और उसके पास कोई स्थायी रोजगार भी नहीं था। मां और पत्नी उसकी आदतों से परेशान रहती थीं। संतान न होने के कारण मां रूना देवी गांव-आसपास झाड़-फूंक और मंदिरों के चक्कर काटती थीं।
बहन की तहरीर पर मुकदमा, जेल भेजा गया आरोपी
घटना की जानकारी पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि आरोपी की बहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सिकंदर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
प्रथम दृष्टया घटना का कारण पारिवारिक विवाद और नशे की हालत बताया जा रहा है।
यह वारदात न केवल परसा गांव बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैलाने वाली बन गई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानव संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
