नई दिल्ली: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफ खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला लिया है। अब हजारों-लाखों कर्मचारियों को अपने पुराने और निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों से छोटी राशि निकालने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ के ऐसे निष्क्रिय खाते जिनमें 1,000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है, उनका पैसा बिना किसी कागजी कार्रवाई के सीधे खाताधारकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। कर्मचारियों को इसके लिए कोई आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। ईपीएफओ स्वयं ही यह प्रक्रिया पूरी करेगा।
पहले चरण में आधार लिंक खातों को प्राथमिकता
मंत्रालय की नई योजना के तहत पहले चरण में उन खातों को शामिल किया गया है जो आधार से लिंक हैं। कुल 31 लाख निष्क्रिय खातों में से लगभग 6 लाख खाते ऐसे हैं जो आधार से जुड़े हुए हैं और जिनमें 1,000 रुपये से कम की राशि जमा है। इन खातों में ऑटोमैटिक ट्रांसफर की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
इस योजना को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो शेष लगभग 25 लाख निष्क्रिय खातों के लिए भी इसी तरह ऑटो ट्रांसफर की सुविधा लागू की जाएगी।
क्या होता है ‘निष्क्रिय खाता’?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, यदि किसी पीएफ खाते में लगातार तीन वर्षों तक कोई लेन-देन या गतिविधि नहीं होती, तो उसे ‘निष्क्रिय खाता’ (Inoperative Account) घोषित कर दिया जाता है।
वर्तमान में कुल 31.86 लाख निष्क्रिय खाते मौजूद हैं, इनमें लगभग 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं, करीब 7.11 लाख खातों में 1,000 रुपये तक की राशि पड़ी है, इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं, कई खाते पिछले 3 से 20 वर्षों से निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ
श्रम मंत्रालय के इस फैसले से उन लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जिनकी छोटी राशि पीएफ खातों में अटकी हुई थी। अब उन्हें बिना किसी भागदौड़ और कागजी प्रक्रिया के उनका पैसा सीधे बैंक खाते में मिल सकेगा।
सरकार का यह कदम न सिर्फ प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि निष्क्रिय खातों की संख्या कम करने में भी मददगार साबित होगा।
