अधिसूचना जारी, 1997 की नियमावली में संशोधन कर लागू हुई नई व्यवस्था
देहरादून: प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। शासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब भारत के भीतर यात्रा करने पर मंत्रियों को प्रति माह अधिकतम 90 हजार रुपये का यात्रा भत्ता मिलेगा। इससे पहले यह सीमा 60 हजार रुपये प्रतिमाह थी, जिसे अब 30 हजार रुपये बढ़ा दिया गया है।
Travel Allowance Increased: इस संबंध में सचिव शैलेश बगौली के आदेश पर मंत्रिपरिषद अनुभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) नियमावली, 1997 में संशोधन किया गया है, जिसे अब उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) (संशोधन) नियमावली, 2026 के रूप में लागू किया गया है।
नियम चार में बदलाव, अधिकतम सीमा बढ़ी
संशोधित नियमावली के तहत नियम चार में बदलाव करते हुए मंत्रियों के यात्रा भत्ते की अधिकतम मासिक सीमा बढ़ाई गई है। नई व्यवस्था के अनुसार मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री सभी इस बढ़े हुए यात्रा भत्ते के पात्र होंगे।
पहले विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़े
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार ने विधायकों के वेतन और भत्तों में भी बढ़ोतरी की थी। अब मंत्रियों के यात्रा भत्ते में इजाफे के बाद सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बढ़ते खर्च और जिम्मेदारियों का हवाला
सरकार का कहना है कि मंत्रियों की लगातार होने वाली यात्राओं, प्रशासनिक बैठकों और बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि विपक्ष इसे जनहित से जुड़ी प्राथमिकताओं से जोड़कर सवाल उठा सकता है, लेकिन फिलहाल शासन स्तर पर यह फैसला पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
