नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) आधिकारिक रूप से लागू हो रही है। यह योजना दिल्ली के सबसे कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार आज केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुष्टि करते हुए कहा कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद दिल्ली के निवासियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ मिलने लगेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगी और जरूरतमंद परिवारों को अत्यधिक आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी।
10 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज
आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली के पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज मिलेगा। इसमें 5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 5 लाख रुपये दिल्ली सरकार की ओर से टॉप-अप के रूप में दिए जाएंगे। इस योजना के तहत मरीजों को कैशलेस और मुफ्त इलाज मिलेगा, जिसमें 1,961 चिकित्सा प्रक्रियाएं, सर्जरी, दवाएं, डायग्नोस्टिक टेस्ट, अस्पताल में भर्ती और आईसीयू देखभाल जैसी सेवाएं शामिल होंगी।
91 अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त इलाज
वर्तमान में 46 निजी अस्पतालों, दिल्ली सरकार के 34 अस्पतालों और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 11 अस्पतालों सहित कुल 91 अस्पतालों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां लाभार्थियों को सूचीबद्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत मुफ्त उपचार मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में मिली थी मंजूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को दिल्ली में लागू करने का निर्णय लिया गया था। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत कैबिनेट मंत्रियों ने हिस्सा लिया। यह निर्णय दिल्ली में 26 साल के अंतराल के बाद सत्ता में लौटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने लिया है। 20 फरवरी, 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को हरी झंडी दी गई थी।
इस योजना के लागू होने से दिल्ली के लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी।