ट्रंप की हत्या पर ₹558 करोड़ इनाम का दावा, ईरान में ‘काउंटर-एक्शन’ बिल की चर्चा

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तेहरान। डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ईरानी मीडिया में एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की संसद में ऐसा प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें ट्रंप की हत्या करने वाले व्यक्ति या संगठन को 50 मिलियन यूरो (करीब 558 करोड़ रुपये) का इनाम देने की बात कही गई है।

ईरान वायर की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों ने ‘काउंटर-एक्शन’ नामक योजना का मसौदा तैयार किया है। इस प्रस्ताव में ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई करने वालों को भारी आर्थिक इनाम देने का प्रावधान शामिल बताया गया है।

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रिपोर्ट के अनुसार, अजीजी ने कहा कि ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर को “जवाबी कार्रवाई” के लिए निशाना बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ कथित साजिशों में इनकी भूमिका रही है।

‘किल ट्रंप’ अभियान को लेकर भी दावा

सरकार समर्थक मसाफ ने पहले दावा किया था कि ‘किल ट्रंप’ नाम के अभियान के लिए करीब 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग सुरक्षित कर ली गई है। वहीं, ईरान वायर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हैकिंग ग्रुप हंडाला ने बयान जारी कर दावा किया कि उसने ट्रंप और नेतन्याहू को निशाना बनाने के लिए 50 मिलियन डॉलर उपलब्ध कराए हैं।

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समूह के कथित बयान में कहा गया कि यह रकम किसी भी ऐसे व्यक्ति या संगठन को दी जाएगी, जो वास्तविक कार्रवाई को अंजाम देगा। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनके संचार और वित्तीय चैनलों को एन्क्रिप्शन और एनोनिमाइजेशन तकनीक से सुरक्षित रखा गया है।

सांसदों ने कई प्रस्ताव तैयार करने का दावा किया

ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, अजीजी ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि मार्च में युद्ध शुरू होने के बाद से सांसदों ने कई विधेयकों का मसौदा तैयार किया है। इनमें सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल है।

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उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति, इजरायली प्रधानमंत्री और सेंटकॉम कमांडर को जवाबी कार्रवाई के तहत निशाना बनाया जाना चाहिए। यह हमारा अधिकार है।”

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि मार्च की शुरुआत में ईरान में मोबाइल यूजर्स को बड़े पैमाने पर ऐसे टेक्स्ट मैसेज भेजे गए थे, जिनमें ‘ट्रंप की हत्या के लिए इनाम’ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान का प्रचार किया गया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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