नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2026 से आर्थिक मोर्चे पर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। करीब छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब आयकर अधिनियम 2025 लागू होगा। इसके साथ ही GST 2.0 के नियम भी प्रभाव में आ रहे हैं, जो आम आदमी की आय, खर्च और बचत—तीनों पर सीधा असर डालेंगे।
31 मार्च से पहले ये काम निपटाना जरूरी
नए वित्तीय वर्ष में प्रवेश से पहले कुछ जरूरी काम पूरे करना बेहद अहम है, वरना सीधा नुकसान हो सकता है।
टैक्स बचत के लिए PPF, ELSS और बीमा में निवेश 31 मार्च तक करना जरूरी है, तभी मौजूदा साल में छूट मिलेगी।
PPF, NPS और सुकन्या योजना खातों में न्यूनतम राशि जमा न करने पर पेनल्टी लग सकती है।
पुराने मामलों के लिए अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख भी 31 मार्च ही है।
एनआरआई को विदेशी टैक्स क्रेडिट के लिए ‘फॉर्म 67’ इसी तारीख तक जमा करना होगा।
नया आयकर सिस्टम: क्या बदल गया?
नए आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने से टैक्स सिस्टम पहले से सरल हो जाएगा।
अब “असेसमेंट ईयर” और “प्रीवियस ईयर” जैसे जटिल शब्द खत्म
सीधे “टैक्स ईयर 2026-27” लागू
12 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री
सैलरी वालों को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन जारी रहेगा
पुरानी टैक्स व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं—शिक्षा भत्ता और हॉस्टल भत्ता कई गुना बढ़ाया गया है और कुछ शहरों को HRA में ज्यादा छूट दी गई है।
निवेश और विदेश यात्रा पर असर
अब सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मैच्योरिटी पर टैक्स लगेगा।
फ्यूचर्स-ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी होगी और शेयर बायबैक पर भी टैक्स देना होगा।
वहीं विदेश यात्रा सस्ती हो गई है—ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है।
GST 2.0: क्या सस्ता, क्या महंगा?
नई जीएसटी व्यवस्था में टैक्स स्लैब को 5%, 18% और 40% तक सीमित किया गया है।
राहत वाली चीजें:
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस
33 जीवन रक्षक दवाएं
अनपैक्ड डेयरी उत्पाद
महंगे सामान:
तंबाकू और लग्जरी वाहन
बड़ी SUV और ऑनलाइन गेमिंग
महंगाई का असर: जेब पर बढ़ेगा दबाव
पश्चिम एशिया के तनाव (खासकर ईरान-इस्राइल हालात) का असर अब भारत तक दिखने लगा है।
घरेलू LPG सिलेंडर ₹853 से बढ़कर ₹913
कमर्शियल सिलेंडर ₹1,883 तक पहुंचा
900+ दवाएं महंगी
टाटा मोटर्स, होंडा जैसी कंपनियों ने कारों के दाम बढ़ाए
बैंकिंग, बीमा और पेंशन में नए नियम
ATM से ज्यादा निकासी पर चार्ज बढ़ेगा
मिनिमम बैलेंस पेनल्टी अब “अनुपात” के हिसाब से
PAN कार्ड के लिए अब अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी
डिजिटल पेमेंट में 2FA (बायोमेट्रिक) अनिवार्य
NPS में अब 80% तक एकमुश्त निकासी संभव
हेल्थ इंश्योरेंस में 5 साल बाद क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा
यात्रा नियम भी बदले
फास्टैग एनुअल पास ₹3,075
भारतीय रेलवे के नए नियम के अनुसार ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा
क्या समझें आम आदमी?
1 अप्रैल 2026 से लागू ये बदलाव साफ संकेत देते हैं कि सरकार डिजिटल, पारदर्शी और सरल टैक्स सिस्टम की ओर बढ़ रही है। जहां एक तरफ 12 लाख तक टैक्स फ्री आय से राहत मिली है, वहीं गैस, दवाओं और गाड़ियों की महंगाई से घरेलू बजट पर दबाव भी बढ़ेगा। ऐसे में अब जरूरी है स्मार्ट प्लानिंग, सही निवेश और समय पर वित्तीय फैसले, ताकि बदलते आर्थिक माहौल में आपकी जेब संतुलित रह सके।
