Uttarakhand: गंगा का जलस्तर बढ़ने से हड़कंप, सप्तऋषि घाट पर फंसे 21 श्रद्धालु सुरक्षित रेस्क्यू

खबर शेयर करें

हरिद्वार: सप्तऋषि घाट और आसपास के क्षेत्रों में रविवार सुबह गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। टापू पर फंसे 21 श्रद्धालुओं को प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सकुशल बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि सुबह करीब 10:40 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई लोग बीच धारा में बने टापू पर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जल पुलिस, पीएसी, फ्लड कंपनी और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल मौके पर रवाना हुईं।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा फिर जीवित, CM धामी ने दी मंजूरी

उधर, कबीर कुटीर घाट क्षेत्र में भी स्नान कर रहे श्रद्धालु अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के चलते टापू पर ही फंस गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए चौकी इंचार्ज सप्तऋषि अपनी टीम, चेतक पुलिसकर्मियों और जल पुलिस के साथ नाव व आवश्यक राहत उपकरण लेकर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

यह भी पढ़ें 👉  वीकेंड पर हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, शटल सेवा से पहुंचेंगे पर्यटक

करीब एक घंटे तक चले अभियान में टापू पर फंसे 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बच्चों समेत कुल 21 लोगों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया। सभी श्रद्धालु दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए गए हैं। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में गरजे राजनाथ सिंह, बोले - ‘धाकड़ नहीं, अब धुरंधर हैं Pushkar Singh Dhami’

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव की स्थिति का विशेष ध्यान रखें तथा नदी के बीच बने टापू या गहरे स्थानों पर जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

You cannot copy content of this page