सीडीओ ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां, 30 अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश…सुरक्षा, पार्किंग, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
हल्द्वानी। एमबी इंटर कॉलेज मैदान में 24 नवंबर से 3 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तरीय सरस मेला 2026-27 की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मेले के सफल और व्यवस्थित आयोजन को लेकर मंगलवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मेले की सुरक्षा से लेकर यातायात, पार्किंग, चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सफाई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर से स्वयं सहायता समूहों के प्रतिभागी पहुंचेंगे। मेले में करीब 250 स्टॉल लगाए जाने प्रस्तावित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मेले में बनेगा कंट्रोल रूम, विभागों की रहेगी तैनाती
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि मेला स्थल पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। इसमें विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, पुलिस, अग्निशमन, वन विभाग समेत महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से जुड़ी सभी टेंडर प्रक्रिया 30 अक्टूबर से पहले हर हाल में पूरी कर ली जाए। साथ ही सभी अतिथियों के लिए आमंत्रण पत्र और ई-कार्ड तैयार करने का काम भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा।
पार्किंग और ट्रैफिक पर विशेष फोकस
मेले में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और परिवहन विभाग को सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि मेला स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और आने वाले लोगों को पार्किंग की पर्याप्त सुविधा मिल सके।
मेला स्थल पर रहेगा मेडिकल कैंप और एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग को मेला स्थल पर चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जल संस्थान और विद्युत विभाग को पूरे आयोजन के दौरान निर्बाध पेयजल और बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया है।
नगर निगम हल्द्वानी को मेला स्थल की साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को मेले के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सरस मेले का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला सूचना अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि मेले की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में आमजन की भागीदारी बढ़े।
सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डेय ने कहा कि सरस मेला जनपद का एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन है। देशभर से स्वयं सहायता समूहों के प्रतिभागी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे करना अनिवार्य होगा, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और मेले को सुचारु एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पन्त, जिला विकास अधिकारी संतोष पन्त, जिला पंचायतीराज अधिकारी सुरेश बेनी, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड हल्द्वानी प्रदीप बिष्ट, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रवि शंकर लोसाली, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी संतोषी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी मुकेश नेगी, मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी, जिला उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा, संभागीय परिवहन अधिकारी गुरदेव सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी विश्वनाथ गौतम, महाप्रबंधक जिला उद्योग पल्लवी गुप्ता, उपनिदेशक रेशम विभाग रोमिल पांडे, जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत, जिला युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य सहित सभी खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

