चुनावी साल में दो दिवसीय सत्र के हंगामेदार रहने के आसार, 10 विधेयक सदन में रखे जाएंगे, 31 विधायकों ने लगाए 445 सवाल
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार से विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू होगा। चुनावी माहौल के बीच आयोजित इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। पहले दिन सदन में 7400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, नौ अन्य विधेयक और विभिन्न विभागों के पांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं, अंकिता भंडारी हत्याकांड, महंगाई, बेरोजगारी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
अगले विधानसभा चुनाव से करीब दो माह पहले हो रहे इस सत्र को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की है। पार्टी मंगलवार को विधानसभा घेराव के जरिए अपनी ताकत दिखाएगी। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार विकास कार्यों और आगामी योजनाओं को सामने रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बना रही है।
भाजपा-कांग्रेस ने बनाई सदन की रणनीति
सत्र से एक दिन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और दोनों दलों के विधायक गैरसैंण पहुंच गए। भराड़ीसैंण में भाजपा और कांग्रेस के विधानमंडल दलों की अलग-अलग बैठकें हुईं। दोनों पक्षों ने सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों और जवाबी रणनीति पर चर्चा कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में विपक्ष के सवालों का जवाब देने और सरकार की उपलब्धियों को सदन में रखने पर मंथन किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई गई। भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है।
अंकिता हत्याकांड पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई। कांग्रेस अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल उठाने के साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और एसआईआर जैसे मुद्दे उठाएगी।
बैठक में विपक्षी विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और जनसमस्याओं की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस इन मुद्दों को सदन में उठाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करने का प्रयास करेगी। ऐसे में सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को दी जाएगी श्रद्धांजलि
विधानसभा सत्र के पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही में अनुपूरक बजट सहित विधायी और विभागीय कामकाज आगे बढ़ाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, सत्र में अनुपूरक बजट समेत कुल 10 विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से 445 सवाल लगाए गए हैं। सीमित अवधि के इस सत्र में इतने सवालों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों के बीच सदन की कार्यवाही पर सबकी नजर रहेगी।
आज सदन में पेश होंगे ये विधेयक
- अनुपूरक बजट
- उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी अधिनियम विधेयक
- उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड निवेश और आधारित संरचना विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड जनविश्वास उपबंधों का संशोधन (द्वितीय) विधेयक
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड उच्च शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक
- उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक
चुनावी सरगर्मी के बीच गैरसैंण में शुरू हो रहा यह सत्र सरकार के लिए अपनी उपलब्धियां गिनाने और विपक्ष के लिए जनहित के मुद्दों पर जवाब मांगने का अहम अवसर होगा। अब देखना होगा कि दो दिन की कार्यवाही में विकास और बजट पर चर्चा कितनी होती है और राजनीतिक टकराव कितना हावी रहता है।

