देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी अनुभवहीनता पर सवाल उठाए हैं। बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में हरक ने कहा कि उन्हें उम्र और अनुभव से अधिक मिल गया है, इसलिए ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने इसे ‘बंदर के सिर पर टोपी पहनाने’ जैसा करार दिया।
हरक सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1992 में मात्र 27 साल की उम्र में मंत्री बनने के बाद उन्हें भी अहंकार महसूस हुआ था, लेकिन सरकार गिरते ही उन्हें अपनी स्थिति का एहसास हो गया। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि जो गलतियां अभी सरकार कर रही है, उन्हें भविष्य में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
सरकार के मंत्री अनुभवहीन, पेपर लीक और बेरोजगारी पर उठाए सवाल
धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल को निराशाजनक बताते हुए हरक सिंह ने कहा कि सरकार के मंत्रियों में परिपक्वता और अनुभव की कमी है, जिससे विधानसभा के भीतर और बाहर माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने प्रदेश में हो रहे पेपर लीक, सरकारी पदों की रिक्तता, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, परिवहन विभाग और वन विभाग में उपनल कर्मियों की छंटनी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने विधानसभा भर्ती मामले में युवाओं को नौकरी से निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि कार्रवाई भर्ती पाने वालों पर नहीं, बल्कि उन्हें भर्ती करने वालों पर होनी चाहिए थी।
भट्ट बोले— ‘हरक सिंह का दर्द बोल रहा है’
हरक सिंह के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, उनकी टिप्पणी पर मैं कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “यह हरक सिंह नहीं, बल्कि उनका दर्द बोल रहा है। वह जिस चीज के आदी हैं, उसी के लिए तरस रहे हैं।”
प्रदेश की सियासत में हरक सिंह के इस बयान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि भाजपा की ओर से इस पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।