Uttarakhand: किसान आत्महत्या कांड में बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष व दरोगा निलंबित, पैगा चौकी लाइन हाजिर

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काशीपुर। किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला और मामले के विवेचक दरोगा प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही पैगा चौकी की पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

Police Negligence Exposed: पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सुखवंत सिंह के मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती। शिकायतों को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते हालात इस हद तक बिगड़ गए कि पीड़ित किसान ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। इसी आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

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प्रकरण में पैगा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, एएसआई सोमवीर सिंह, सिपाही दिनेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह, शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। सभी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से चौकी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

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गौरतलब है कि बीते रविवार को किसान सुखवंत सिंह ने गौलापार स्थित एक होटल में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उन्होंने भूमाफियाओं पर उनकी जमीन से जुड़ी रकम हड़पने और लगातार मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। वीडियो के वायरल होते ही मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में आ गया था।

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इस संवेदनशील मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होने के बाद एसएसपी ने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि आगे भी किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो और कड़ी कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा।