मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी दूतावासों का अलर्ट, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई देशों में अलर्ट जारी किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताबिक, लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में बताया कि क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। एडवाइजरी में विशेष रूप से यात्रा और हवाई सेवाओं से जुड़ी संभावित परेशानियों को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है।

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इराक स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति जटिल बनी हुई है और परिस्थितियां अचानक बदल सकती हैं। अमेरिकी नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने के साथ-साथ उड़ानों के रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा व्यवस्था प्रभावित होने की संभावनाओं को ध्यान में रखने को कहा गया है। क्षेत्र में आने या वहां से बाहर निकलने की योजना बना रहे अमेरिकी नागरिकों से एयरलाइंस और हवाई अड्डों से संबंधित सूचनाओं पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

इसी बीच ईरान की ओर से भी सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट का दावा किया गया है। आईआरजीसी के अधिकारी और लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी के हवाले से कहा गया है कि संभावित खतरे को देखते हुए ईरान ने अधिकतम सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उनके मुताबिक, आईआरजीसी, सेना और सुरक्षा बलों के लिए सबसे ऊंचे अलर्ट लेवल ‘कोड 100’ को सक्रिय किया गया है।

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जोल्फागारी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार रात कैंप डेविड का अचानक दौरा करने के बाद व्हाइट हाउस लौट आए। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी अमेरिका यात्रा को सीमित कर दिया और इजरायल लौटने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इन घटनाक्रमों के बीच क्षेत्र में संभावित तनाव को लेकर अटकलें तेज हुई हैं, हालांकि अलग-अलग पक्षों की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं दी गई है।

अमेरिकी सुरक्षा एडवाइजरी में संभावित खतरों को लेकर भी चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। अमेरिकी पक्ष ने यह भी कहा है कि पहले राजनयिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और भविष्य में अमेरिका से जुड़े हितों को निशाना बनाए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, यात्रा से पहले एयरपोर्ट और एयरलाइन की स्थिति की जानकारी लें और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखें। मिडिल ईस्ट में बदलते हालात के बीच विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों को अहम माना जा रहा है।

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