वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए “अधिक समझदार शासन” के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है और इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खुलता, तो अमेरिका ईरान के बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देगा। उन्होंने कहा कि अब तक इन ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कड़ा कदम उठाया जाएगा। ट्रंप ने इसे पिछले दशकों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों का “बदला” भी बताया।
इस बीच स्पेन ने अमेरिकी सैन्य रणनीति को झटका देते हुए अपने हवाई क्षेत्र को अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है। स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारीटा रोबल्स ने स्पष्ट किया कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में न तो अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने देगा और न ही एयरस्पेस की अनुमति देगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद पश्चिम एशिया की ओर जाने वाले अमेरिकी सैन्य विमानों को अब वैकल्पिक मार्ग अपनाने होंगे, जिससे सैन्य अभियानों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, आपातकालीन स्थितियों में इस प्रतिबंध में छूट दी गई है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने क्यूबा को लेकर भी हमले की चेतावनी दी थी। ऐसे में अमेरिका के आक्रामक रुख और यूरोपीय देशों के अलग रुख के चलते वैश्विक तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
