ईरान संकट पर ट्रंप का बड़ा दावा: 5 दिन में हो सकती है डील, नहीं तो जारी रहेगी बमबारी

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वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर अगले पांच दिन हालात सकारात्मक रहे तो ईरान के साथ जारी टकराव खत्म हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई, जिसमें बमबारी भी शामिल है, जारी रखेगा।

ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि एक ओर वे बातचीत और समझौते की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य दबाव बनाए रखने की रणनीति भी साफ दिख रही है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और लगभग 15 बिंदुओं पर प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान ने स्वयं बातचीत की पहल की और एक वरिष्ठ ईरानी नेता के साथ उनकी बातचीत भी हुई है। उन्होंने संकेत दिए कि दोनों पक्षों के बीच फोन पर आगे भी बातचीत जारी रह सकती है।

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हालांकि ईरान की ओर से इन दावों का खंडन किया गया है। वहां की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि किसी भी तरह की आधिकारिक वार्ता फिलहाल नहीं चल रही है। इससे दोनों देशों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने कहा कि यदि समझौता होता है तो समृद्ध यूरेनियम के नियंत्रण में आसानी होगी और यह पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत होगा।

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उन्होंने यह भी कहा कि संभावित समझौते से इजराइल भी संतुष्ट होगा, जिससे संकेत मिलता है कि इस पूरे घटनाक्रम में इजराइल की भूमिका भी अहम बनी हुई है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कुछ वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा है और यदि समझौता होता है तो तेल बाजार पर भी इसका असर पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिए कि ईरान के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी।

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इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) को लेकर भी संकेत दिए, हालांकि उन्होंने इस पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। उन्होंने यह भी कहा कि वे और हत्याएं नहीं चाहते, लेकिन स्थिति के अनुसार कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, तो दूसरी ओर सैन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं। ईरान की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया न आने के चलते स्थिति और अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में आने वाले पांच दिन इस पूरे संकट के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।