सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन, 116 की मौत; अमेरिका की नजर, ट्रंप ने ईरान को आज़ादी की ओर बढ़ते हुए बताया और मदद का आश्वासन दिया
तेहरान। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार हिंसक रूप ले रहे हैं। 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध अब देशभर में फैल चुके हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं और कई जगह आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
Khamenei threatens to execute protesters, Trump says Iran is moving towards freedom… America ready to help: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा और उनके खिलाफ मौत की सजा तक दी जा सकती है।
सरकारी टीवी पर प्रसारित बयान के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सशस्त्र विरोध में शामिल समूह या उसके समर्थक, चाहे उन्होंने सीधे हिंसक गतिविधियों में हिस्सा न लिया हो, ‘मोहारेब’ माने जाएंगे। धारा 190 के तहत मोहारेब के लिए फांसी, सार्वजनिक मौत, अंग-भंग या स्थायी निर्वासन जैसी कठोर सजाओं का प्रावधान है।
पिछले कुछ दिनों में विरोध प्रदर्शनों में तेजी आई है। सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे नागरिक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेवाओं से कट गए हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चहारमहल और बख्तियारी, इलाम, केरमानशाह और फार्स प्रांतों में भी प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राजधानी तेहरान में भी हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा आजादी की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब खामेनेई ने अमेरिका पर ईरानी नागरिकों के खून में हाथ होने का आरोप लगाया था।
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और सरकार की कड़ी चेतावनी के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है, और आने वाले दिनों में स्थिति पर नज़र बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
