हल्द्वानी: हल्द्वानी में एक बार फिर बदहाल सड़कों और जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। मुखानी स्थित नहर कवरिंग रोड पर खुले गड्ढों से बचने की कोशिश में बाइक फिसली और 13 वर्षीय किशोर मिक्सर ट्रक के नीचे कुचल गया। यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की घोर अनदेखी का नतीजा बताया जा रहा है।
सोमवार शाम मुखानी चौराहे से पनचक्की की ओर जा रहे दो सगे भाई इस लापरवाही का शिकार हो गए। बरेली निवासी गौरीलाल का बड़ा बेटा ललित बाइक चला रहा था और पीछे 13 वर्षीय अर्जुन सिलेंडर पकड़े बैठा था। जैसे ही दोनों जगदंबा नगर स्थित मंदिर के पास पहुंचे, सड़क पर निर्माण संस्था द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे ने मौत का रास्ता खोल दिया। गड्ढे से बचने के लिए बाइक चालक ने कट मारा और पल भर में बाइक फिसल गई।
अनियंत्रित बाइक से उछलकर अर्जुन सीधे मिक्सर ट्रक के नीचे जा गिरा। ट्रक ने उसे बेरहमी से कुचल दिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जबकि बड़ा भाई घायल अवस्था में सड़क पर तड़पता रहा।
मासूम की मौत के बाद सड़क पर जाम लग गया और इलाके में आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने साफ कहा कि शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को मौत का जाल बना दिया गया है। जगह-जगह खुले गड्ढे हैं, न कोई संकेतक, न बैरिकेडिंग और न ही प्रशासन की निगरानी। जगदंबा नगर क्षेत्र में रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश की बात कही है, लेकिन सवाल यह है कि इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है—ट्रक चालक, निर्माण संस्था या वह सिस्टम जो हादसे के इंतजार में बैठा रहता है?
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हल्द्वानी की सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि मौत बिछी हुई है। कब जागेगा प्रशासन, या अगला शिकार बनने के लिए फिर किसी मासूम की बारी तय है?
