नई दिल्ली/फरीदाबाद। भारतीय शूटिंग जगत उस वक्त हिल गया, जब राष्ट्रीय स्तर की 17 वर्षीय महिला शूटर ने भारत की राष्ट्रीय शूटिंग टीम से जुड़े कोच अंकुश भारद्वाज पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। मामला सामने आते ही भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकुश भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि नाबालिग के परिवार की शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि घटना सूरजकुंड (फरीदाबाद) के एक होटल में हुई, जहां शूटर प्रतियोगिता और अभ्यास के दौरान ठहरी हुई थी। शिकायत के अनुसार, यह घटना पिछले महीने नई दिल्ली स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान हुई। अभ्यास सत्र के बाद कोच ने शूटर को होटल में बुलाया, जहां कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़िता अगस्त 2024 से अंकुश भारद्वाज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही थी। परिवार का कहना है कि 1 जनवरी को लगातार पूछताछ के बाद शूटर ने आपबीती साझा की। परिवार ने यह भी दावा किया है कि एक अन्य युवा शूटर के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने कहा कि कोच को नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है और उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। जांच पूरी होने तक वह किसी भी कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद NRAI की सिफारिश पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने अंकुश भारद्वाज को राष्ट्रीय कोच नियुक्त किया था।
अंबाला निवासी अंकुश भारद्वाज वर्तमान में राष्ट्रीय पिस्टल कोच थे और मोहाली में साल्वो शूटिंग रेंज संचालित करते हैं। वह चुनिंदा खिलाड़ियों को निजी तौर पर प्रशिक्षण भी देते थे। उनका खेल करियर पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2010 में डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते साई ने उन पर प्रतिबंध लगाया था, हालांकि बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी की थी।
चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामला पॉक्सो एक्ट के तहत भी दर्ज किया जा सकता है। यह प्रकरण भारतीय खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों, विशेषकर नाबालिग एथलीटों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
