श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अमन-चैन को फिर से दहला देने की फिराक में बैठे आतंकियों के मंसूबों पर सुरक्षाबलों ने करारा प्रहार किया है। घाटी में दहशत फैलाने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब गांदरबल जिले में एक शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को समय रहते बरामद कर लिया गया।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह संदिग्ध विस्फोटक गांदरबल-सफापोरा मुख्य मार्ग पर प्लांट किया गया था। यह मार्ग रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है, जहां से वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ सेना और पुलिस के काफिले भी गुजरते रहते हैं। गश्त के दौरान सतर्क जवानों की नजर जैसे ही सड़क किनारे संदिग्ध वस्तु पर पड़ी, पूरे इलाके में तुरंत अलर्ट जारी कर दिया गया।
सड़क सील, बम निरोधक दस्ता मौके पर
खतरे की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने एहतियातन सड़क के दोनों ओर से यातायात पूरी तरह रोक दिया और क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंचा और अत्यंत सावधानी के साथ आईईडी को निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते विस्फोटक को डिफ्यूज कर एक बड़े आतंकी हमले को टाल दिया गया।
वीआईपी और सुरक्षा काफिलों को निशाना बनाने की साजिश
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी संगठन आईईडी के जरिए सुरक्षा बलों और वीआईपी काफिलों को निशाना बनाने की फिराक में हैं। व्यस्त सड़कों और राजमार्गों के किनारे विस्फोटक छिपाकर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सुरक्षाबलों की चौबीसों घंटे की सतर्कता इन नापाक इरादों पर पानी फेर रही है।
चार दिन में तीसरी बड़ी बरामदगी
घाटी में आईईडी मिलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे एक दिन पहले बारामूला जिले के जांबाजपोरा इलाके में भी सुरक्षाबलों ने एक आईईडी बरामद कर सुरक्षित तरीके से नष्ट किया था। वहीं 18 फरवरी को श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सड़क किनारे शक्तिशाली विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया था।
लगातार मिल रहे इन विस्फोटकों के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, ताकि घाटी में शांति व्यवस्था को हर हाल में कायम रखा जा सके।
