नए साल का पहला मिशन: 12 जनवरी को PSLV-C62 से उड़ेगा इसरो का उन्नत निगरानी उपग्रह EOS-N1

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) नए साल के अपने पहले अंतरिक्ष मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है। इसरो का पीएसएलवी-सी62 (PSLV-C62) मिशन 12 जनवरी को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया जाएगा। यह मिशन रणनीतिक और व्यावसायिक—दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मिशन का मुख्य पेलोड EOS-N1 है, जो एक अत्याधुनिक इमेजिंग सैटेलाइट है। इस उपग्रह को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसके जरिए निगरानी, सुरक्षा और खुफिया क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मूसलधार बारिश का कहर जारी, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से परहेज की सलाह

PSLV-C62 मिशन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी झलक देखने को मिलेगी। रॉकेट के साथ एक छोटा प्रोब डिवाइस ‘केस्ट्रेल इनिशियल डेमोंस्ट्रेटर’ भी भेजा जाएगा, जिसे स्पेन के एक स्टार्टअप ने विकसित किया है। यह डिवाइस रॉकेट के PS-4 स्टेज से जुड़ा रहेगा। इसके अलावा भारत, मॉरीशस, लक्जमबर्ग, यूएई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के कुल 17 अन्य वाणिज्यिक पेलोड भी इस उड़ान का हिस्सा होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  मुंबई से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट तकनीकी खराबी और एयरस्पेस प्रतिबंध के चलते लौटी वापस

इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि आम नागरिक इस प्रक्षेपण को श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च व्यू गैलरी से प्रत्यक्ष देख सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसरो ने दर्शकों से अपील की है कि वे पंजीकरण के समय आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या किसी अन्य सरकारी पहचान पत्र के साथ मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी तैयार रखें, ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

यह भी पढ़ें 👉  वानखेड़े में खेल जगत का ऐतिहासिक संगम: सचिन तेंदुलकर और लियोनल मेसी की मुलाकात, फैंस हुए रोमांचित

नए साल के पहले ही मिशन के जरिए इसरो एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में बढ़ती भूमिका को मजबूत करने की तैयारी में है।