ईरान की धमकी से तेल बाजार में हड़कंप, अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर दी अस्थायी छूट

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वॉशिंगटन: दुनिया का ऊर्जा संतुलन इन दिनों पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र के तेल और गैस ढांचे को आग के हवाले कर सकता है।

अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान टकराव से बढ़ा तनाव

पिछले करीब दो हफ्तों से संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान द्वारा इज़राइल व खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

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अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर दी अस्थायी मंजूरी

बढ़ते संकट के बीच अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक अहम फैसला लेते हुए अन्य देशों को रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े लेनदेन की अस्थायी अनुमति दे दी है। मंत्रालय के नोटिस के अनुसार 12 मार्च को सुबह 12:01 बजे या उससे पहले जहाजों पर लोड किए गए रूसी तेल से संबंधित लेनदेन 11 अप्रैल तक किए जा सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने और तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

भारत को पहले ही मिल चुकी है छूट

इससे पहले 5 मार्च को अमेरिका ने भारत को भी 30 दिनों की विशेष छूट दी थी, जिसके तहत भारत रूस से तेल खरीद सकता है। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।

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अमेरिकी वित्त मंत्री का बयान

स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए तेजी से फैसले ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल उस रूसी तेल पर लागू होगी जो पहले से जहाजों में लोड होकर समुद्र में जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह अस्थायी फैसला रूस को बड़ा आर्थिक लाभ नहीं देगा, क्योंकि रूस को ऊर्जा क्षेत्र से अधिकांश राजस्व उत्पादन के समय लगाए जाने वाले टैक्स से मिलता है।

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ईरान की चेतावनी से तेल बाजार में उछाल

संघर्ष के बीच ईरानी सेना के केंद्रीय ऑपरेशन कमांड खातम अल-अंबिया के प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के ऊर्जा ठिकानों या बंदरगाहों पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।

इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया।

  • ब्रेंट क्रूड करीब 9.2% बढ़कर 100.46 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
  • वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग 9.7% बढ़कर 95.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

ब्रेंट क्रूड की कीमत अगस्त 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।