वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच जारी टकराव में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान द्वारा कथित रूप से गिराए गए अमेरिकी F-15E Strike Eagle के लापता चालक दल के सदस्य को सुरक्षित बचा लिया गया है।
रविवार को दो अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरे खोज एवं बचाव मिशन के तहत अंजाम दिया गया। इससे पहले उसी जेट के एक अन्य क्रू मेंबर को भी सुरक्षित निकाला जा चुका था।
इस पूरे घटनाक्रम पर Donald Trump ने ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।” उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी एक वरिष्ठ कर्नल हैं और अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने 24 घंटे तक अधिकारी की लोकेशन पर लगातार नजर रखी और फिर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए व्यापक रणनीति बनाई। इस मिशन में अत्याधुनिक हथियारों से लैस दर्जनों विमानों को तैनात किया गया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी घायल जरूर हुए हैं, लेकिन जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन ने ईरानी हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वायु श्रेष्ठता को साबित कर दिया है।
गौरतलब है कि यह F-15E Strike Eagle पहला अमेरिकी विमान बताया जा रहा है, जो ईरानी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इसके अलावा A-10 Thunderbolt II विमान के गिरने की भी खबर है, जिससे संघर्ष और गंभीर हो गया है।
दुर्घटना के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कोहगिलुए और बायर-अहमद प्रांत के पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। वहीं, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि विमान को सेंट्रल ईरान के ऊपर निशाना बनाया गया था और स्थानीय नागरिकों को सूचना देने पर इनाम की पेशकश की गई।
इसके साथ ही ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टरों पर हमला किया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि ईरानी सरकार की ओर से अभी तक नहीं की गई है।
कुल मिलाकर, दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां और दावे-प्रतिदावे क्षेत्र में तनाव को और अधिक खतरनाक स्तर तक ले जा रहे हैं।
