सोना-चांदी में गिरावट: डॉलर की मजबूती और महंगाई की आशंका से फिसले दाम, एमसीएक्स पर गोल्ड-सिल्वर दबाव में

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मुंबई। वैश्विक बाजारों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोमवार को कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और महंगाई बढ़ने की आशंकाओं के बीच सोना और चांदी दबाव में आ गए।

घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India> (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना वायदा गिरकर दिन के कारोबार में 1,59,826 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी वायदा भी फिसलकर 2,60,743 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई।

दोपहर करीब 12:18 बजे तक एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 881 रुपये यानी करीब 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,60,678 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इसी तरह 5 मई एक्सपायरी वाला सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 3,378 रुपये यानी लगभग 1.26 प्रतिशत गिरकर 2,64,907 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था।

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डॉलर मजबूत, सोने-चांदी पर दबाव
बाजार विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाया है। डॉलर इंडेक्स करीब तीन महीने के उच्च स्तर 99.34 तक पहुंच गया, जो इंट्राडे आधार पर लगभग 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।

डॉलर मजबूत होने से अन्य देशों की मुद्राओं में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है और कीमतों पर दबाव बनता है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी घटा आकर्षण
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई है और 10 साल के बॉन्ड की यील्ड करीब एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इससे बिना ब्याज देने वाली धातुओं जैसे सोने और चांदी को होल्ड करने की लागत बढ़ जाती है, जिसके कारण निवेशक इनसे दूरी बनाने लगते हैं।

कच्चे तेल में जोरदार उछाल
इसी बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। तेल की कीमत लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर करीब 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। यह 2022 के बाद पहली बार है जब प्रमुख वैश्विक तेल मानक 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचे हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण तेल बाजार में तेजी आई है।

फेड की ब्याज दर नीति पर नजर
तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। ऐसे में बाजार में यह अनुमान बढ़ रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve अपनी 18 मार्च से शुरू होने वाली दो दिवसीय नीति बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है।

बाजार अनुमानों के मुताबिक जून में भी फेड द्वारा ब्याज दरों में बदलाव न करने की संभावना 51 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि पिछले सप्ताह यह 43 प्रतिशत से कम थी।

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सोने के लिए ये अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के लिए 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,53,000 रुपये के आसपास रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में करीब 5,000 डॉलर के स्तर पर मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है। अगर कीमतें 5,400 से 5,600 डॉलर के ऊपर टिकती हैं तो सोना नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।

चांदी का लंबी अवधि का रुख सकारात्मक
विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा उतार-चढ़ाव के बावजूद चांदी का मध्यम और लंबी अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां, औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी भविष्य में चांदी की कीमतों को सहारा दे सकती हैं।