ग्रीनलैंड पर अमेरिका का सख्त रुख: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा-‘हल्के में न लें ट्रंप के बयान’

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वाशिंगटन: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के तेवर और सख्त होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूरोपीय देशों से ग्रीनलैंड के मुद्दे को ‘पूरी गंभीरता’ से लेने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों को हल्के में लेना बड़ी भूल हो सकती है, क्योंकि यह द्वीप न सिर्फ अमेरिका, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है।

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि ग्रीनलैंड वैश्विक मिसाइल रक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका के यूरोपीय सहयोगी इस रणनीतिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त और ठोस कदम नहीं उठाते, तो अमेरिका को खुद हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

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‘ग्रीनलैंड पूरी दुनिया की सुरक्षा से जुड़ा’

यूरोप में ग्रीनलैंड को लेकर उठ रहे विरोध और विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा,
“हम कुछ बातें निजी तौर पर कहेंगे और कुछ सार्वजनिक रूप से। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।”

वेंस ने संकेत दिया कि इस दिशा में उच्चस्तरीय कूटनीतिक पहल जल्द हो सकती है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह या उसके बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।

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आलोचनाओं पर वेंस का पलटवार

राष्ट्रपति ट्रंप के ग्रीनलैंड संबंधी बयानों पर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए जेडी वेंस ने कहा कि मीडिया और यूरोप के कुछ वर्ग इस मुद्दे पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा,
“पहली बात, ग्रीनलैंड सिर्फ अमेरिका की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की मिसाइल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। दूसरी बात, कुछ शत्रुतापूर्ण ताकतों ने इस क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।”

वेंस ने बताया कि अमेरिका लगातार अपने यूरोपीय सहयोगियों पर ग्रीनलैंड की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा,
“हम अपने यूरोपीय दोस्तों से केवल इतना कह रहे हैं कि वे इस भूभाग की सुरक्षा को गंभीरता से लें। अगर वे ऐसा नहीं करते, तो अमेरिका को कुछ कदम उठाने पड़ सकते हैं।”

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कार्रवाई पर सस्पेंस बरकरार

हालांकि उपराष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका की संभावित कार्रवाई क्या होगी। उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही लेंगे।

गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है। आर्कटिक क्षेत्र में स्थित यह द्वीप उत्तर अटलांटिक में सुरक्षा, निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के लिहाज से दशकों से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। मौजूदा वैश्विक हालात में ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की बढ़ती सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।