वॉशिंगटन। Donald Trump ने एक बार फिर Iran के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान में हुई नाकाम शांति वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने का वादा किया था, लेकिन उसे तोड़ते हुए जानबूझकर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम से दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता और डर का माहौल बन गया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान ने समुद्री मार्गों में बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछा दी हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल जलमार्ग खोलने की मांग की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की नौसेना अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोका भी जाएगा। उनका कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं हो जाती, यह कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि ईरान के साथ करीब 20 घंटे तक चली बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर कोई समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने ईरान पर वैश्विक दबाव बनाने और व्यापार को बाधित करने का आरोप लगाते हुए इसे “ब्लैकमेल की रणनीति” बताया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई की, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमताएं पहले ही कमजोर हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कदम उठाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे दुनिया भर के देशों की नजरें अब इस तनावपूर्ण स्थिति पर टिकी हुई हैं।
