नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में करीब एक घंटा 45 मिनट चली बैठक में सरकार ने साफ कहा कि देश में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की जरूरत नहीं है।
बैठक में Amit Shah, S. Jaishankar और Nirmala Sitharaman समेत सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से जुड़े मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा J. P. Nadda और Kiren Rijiju भी बैठक में शामिल हुए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के बाद Kiren Rijiju ने कहा कि सभी दलों ने राष्ट्रीय हित में एकजुटता दिखाई और सरकार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने स्थिति की पूरी जानकारी साझा की।
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है और तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। बताया गया कि भारत के लिए चार जहाज सुरक्षित कर लिए गए हैं और कुछ अन्य जहाज भी होर्मुज क्षेत्र से निकलकर देश की ओर आ रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर कोई बड़ा खतरा नहीं है।
बैठक में विपक्षी दलों ने सुरक्षा, तेल आपूर्ति और विदेश नीति को लेकर कई सवाल उठाए। Dharmendra Yadav ने सरकार के जवाबों पर असंतोष जताते हुए कहा कि कुछ मुद्दों पर और स्पष्ट जानकारी की जरूरत है।
वहीं एलजेपी (रामविलास) के सांसद Arun Bharti ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
सरकार ने दोहराया कि वैश्विक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें।
