देहरादून। उत्तराखंड सरकार को वित्तीय वर्ष 2024-25 में एसजीएसटी (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) से 11.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9264 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं, नॉन-जीएसटी स्रोतों से राज्य को 2541 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। राज्य कर विभाग के इस योगदान को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में एसजीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, ब्याज एवं अर्थदंड माफी योजना के तहत प्रदेश के 4648 व्यापारियों ने आवेदन किया है। इस योजना का लाभ उन्हीं व्यापारियों को मिलेगा, जिन्होंने बकाया राशि में से मूल कर राशि जमा कर दी है।
सरकार ने जीएसटी बकायेदारों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए प्रदेशभर में 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत 21.95 करोड़ रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा, 3195 व्यापारियों के जीएसटी पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
राजस्व संग्रह में निरंतर सुधार के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं ताकि राजस्व वृद्धि को और अधिक गति दी जा सके।