वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 30 से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित कच्चा तेल अमेरिका को सौंपेगी। ट्रंप के मुताबिक यह तेल बाजार कीमत पर बेचा जाएगा और उससे मिलने वाले राजस्व के इस्तेमाल पर सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति का नियंत्रण रहेगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस योजना से होने वाली आय का उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका—दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को निर्देश दिए हैं कि योजना को तुरंत लागू किया जाए। प्रस्ताव के तहत तेल को स्टोरेज जहाजों पर लोड कर सीधे अमेरिका के अनलोडिंग डॉक तक पहुंचाया जाएगा।
यह घोषणा अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई और वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद सामने आई है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अब वेनेजुएला में तेल, व्यापार और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में शर्तें अमेरिका तय करेगा।
दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार रखने वाले वेनेजुएला में प्रतिबंधों, कुप्रबंधन और निवेश की कमी के कारण उत्पादन लंबे समय से गिरा हुआ है। भारत भी एक समय वेनेजुएला का बड़ा तेल खरीदार था, लेकिन 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारतीय रिफाइनरियों को वहां से तेल आयात बंद करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इतनी बड़ी मात्रा में वेनेजुएला का तेल अमेरिका पहुंचता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। इससे चीन को होने वाली तेल आपूर्ति घट सकती है, क्योंकि फिलहाल चीन वेनेजुएला का सबसे बड़ा खरीदार है।
ट्रंप ने इस कदम को आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम बताते हुए कहा कि इससे आपराधिक नेटवर्क कमजोर होंगे और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
