देहरादून। राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर के पीछे अजंता होटल मालिक के घर हुई लूट की घटना का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात को किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि होटल मालिक के पूर्व ड्राइवर ने अपने साले और एक रिश्तेदार के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और लगभग आठ लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं।
Former Driver Turns Mastermind in Dehradun Robbery Case, Three Arrested: एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यह घटना 17 जनवरी की रात की है। राजपुर रोड, साईं मंदिर के पीछे ढाक पट्टी निवासी भुवन गांधी 16 जनवरी को अपने बेटे को छोड़ने दिल्ली गए थे। उनके घर पर केवल 76 वर्षीय बुजुर्ग मां ही मौजूद थीं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी रात के अंधेरे में घर में घुसे और बुजुर्ग महिला को डराकर-धमकाकर अलमारी से लाखों रुपये के गहने और नकदी लूटकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मैनुअल सुरागरसी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। बुधवार को कृषाली चौक से मालदेवता रोड के बीच चेकिंग के दौरान पुलिस ने वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शफात अली (48 वर्ष) निवासी चौकी थाना सुबह, जिला बाराबंकी (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी काठ बंगला बस्ती राजपुर; नदीम उर्फ गुड्डू (38 वर्ष) निवासी मझगांव बाजार, शुकुल, जिला अमेठी (उत्तर प्रदेश); और इश्तियाक उर्फ कुले (30 वर्ष) निवासी खलीज बाहरपुर, थाना बाजार शुक्ल, जिला अमेठी (उत्तर प्रदेश), हाल किराएदार वीर गब्बर सिंह बस्ती, कैनाल रोड के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार शफात अली पूर्व में भुवन गांधी के यहां ड्राइवर की नौकरी कर चुका था और उसे घर की पूरी जानकारी थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। आरोपियों के पास से लूटे गए करीब आठ लाख रुपये के जेवर, डेढ़ लाख रुपये से अधिक की नकदी, एक आईफोन और घटना में इस्तेमाल वैगन-आर कार भी बरामद कर ली गई है।
एसएसपी अजय सिंह ने टीम को इस सफल खुलासे के लिए सराहना की और कहा कि बुजुर्गों और अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और अधिक सतर्कता बरतेगी। वहीं, पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने पूर्व में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया।
