देहरादून। राज्यभर में संविदा पर नियुक्त 279 कोचों को 15 अप्रैल से फिर बहाल कर दिया जाएगा। बजट की कमी के चलते इन कोचों के वेतन पर संकट गहरा गया था, लेकिन सरकार ने अन्य विभागों के बचे हुए बजट से वेतन देने का प्रयास शुरू कर दिया है।
20 करोड़ के इंतजाम की तैयारी
खेल तैयारियों पर असर न पड़े, इसके लिए अन्य विभागों के बचे बजट से कोचों के वेतन का इंतजाम किया जा रहा है। फिलहाल 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने की बात कही जा रही है। इससे पहले, राष्ट्रीय खेलों से पूर्व कोचों के वेतन के लिए 11 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन केवल 10 लाख रुपये ही मिले। इसके चलते 28 फरवरी को कोचों की सेवाएं एक माह के लिए स्थगित कर दी गई थीं।
बजट का प्रावधान नहीं, लेकिन वेतन देने की कोशिश
विशेष प्रमुख सचिव, खेल एवं युवा कल्याण अमित सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में अहम भूमिका निभाने वाले कोच 15 अप्रैल से बहाल होंगे। हालांकि, अभी उनके वेतन के लिए कोई निश्चित बजट प्रावधान नहीं हुआ है, जिससे वेतन मिलने में थोड़ी देरी हो सकती है। लेकिन अन्य विभागों से बजट की व्यवस्था कर जल्द ही भुगतान किया जाएगा। इसके बाद अनुपूरक बजट मिलने की संभावना है।
आगामी खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटेंगे कोच
राज्य में खेल गतिविधियां लगातार जारी हैं और आगे कई प्रतियोगिताएं होनी हैं। ऐसे में सभी कोच अपनी सक्रिय भूमिका में रहेंगे और खिलाड़ियों की तैयारी को गति देंगे। सरकार का प्रयास है कि वित्तीय संकट के बावजूद कोचों की सेवाएं प्रभावित न हों और वे पूर्ण समर्पण के साथ अपने कार्य में लगे रहें।