देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही फैकल्टी की भारी कमी को दूर करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सात राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 365 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियमित भर्ती की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संकायवार रोस्टर तैयार कर भर्ती प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिससे प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जा सके।
Faculty Recruitment Drive: चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए भर्ती प्रस्ताव के अनुसार, कुल 365 पदों में अनुसूचित जाति के 115, अनुसूचित जनजाति के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 67, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 37 और अनारक्षित वर्ग के 136 पद शामिल हैं। विभाग ने रोस्टर तैयार करते समय बैकलॉग पदों को भी शामिल किया है, ताकि आरक्षण नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश में इस समय सात राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जहां वर्षों से स्थायी फैकल्टी की कमी बनी हुई है। इन मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 567 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 202 पदों पर ही स्थायी फैकल्टी कार्यरत है। शेष 365 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
फैकल्टी की कमी को देखते हुए अभी तक विभाग इन पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियां कर रहा था, लेकिन अब सरकार ने इन्हें नियमित भर्ती के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल भी मिल सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत स्थायी फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से लगातार ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शासन स्तर से जल्द ही उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को सीधी भर्ती का अधियाचन भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि यह भर्ती राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा, हरिद्वार, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में की जाएगी। यह नियुक्तियां 27 विभिन्न संकायों के अंतर्गत होंगी। इन पदों के भरने से प्रदेश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
