क्रांस-मोंटाना (स्विट्जरलैंड)। स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल के जश्न के दौरान लगी भीषण आग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। पुलिस और प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह ‘फ्लैशओवर’ मानी जा रही है, जिसके चलते आग बेहद तेजी से फैल गई।
अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा वैले कैंटन के अल्पाइन रिसॉर्ट में स्थित ‘ले कॉन्स्टेलेशन’ बार में उस वक्त हुआ, जब नए साल के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अचानक लगी आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया और पूरे बार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी तबाही मच गई।
वैले कैंटन की अटॉर्नी जनरल बेआत्रिस पिलू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आग और संभावित विस्फोट का कारण ‘फ्लैशओवर’ था। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम की कड़ियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन सहित अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।
अमेरिकी नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन के अनुसार, फ्लैशओवर उस स्थिति को कहते हैं जब किसी बंद स्थान में गर्म गैसें छत तक जमा होकर तापमान अचानक बेहद बढ़ा देती हैं, जिससे वहां मौजूद ज्वलनशील वस्तुएं एक साथ भड़क उठती हैं और आग बेकाबू हो जाती है।
स्विस अधिकारियों ने साफ किया है कि इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। हादसे के बाद आपात सेवाएं पूरी रात सक्रिय रहीं। घायलों को बाहर निकालने और इलाके को सुरक्षित करने के लिए कई एंबुलेंस और रेस्क्यू हेलीकॉप्टर तैनात किए गए। फिलहाल मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, जबकि फॉरेंसिक टीमें मौके पर जांच में जुटी हुई हैं।
इस भीषण त्रासदी ने स्विट्जरलैंड समेत पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।
