देहरादून: चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करेगा। इस बार यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की जीरो डेथ रणनीति तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा मार्गों पर मेडिकल रिस्पांस पोस्ट (एमआरपी) और स्क्रीनिंग प्वाइंट की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, तीर्थयात्रियों को यात्रा पंजीकरण के दौरान अपनी स्वास्थ्य जानकारी भी देनी होगी।
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मंगलवार को सचिवालय में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बैठक की। इस बैठक में यात्रा के दौरान 200 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को रोटेशन के आधार पर तैनात करने की योजना पर चर्चा की गई। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण राजकीय मेडिकल कॉलेज दून और श्रीनगर में दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को यात्रा मार्गों पर 26 एमआरपी और 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट बढ़ाने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही, 50 वर्ष से अधिक आयु वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर पंजीकरण करवाकर अपनी स्वास्थ्य प्रोफाइल देने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सहायता के लिए संविदा पर स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए जारी की गई धनराशि के उपयोगिता प्रमाणपत्र की शीघ्र उपलब्धता का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यात्रा मार्ग, बस स्टॉप, होटल और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य संबंधित एडवाइजरी, निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों का विवरण और मुख्य चिकित्साधिकारियों के संपर्क नंबर की सूचना देने के लिए फ्लेक्स और बैनर लगाए जाएंगे।
स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए महा निदेशालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जो यात्रा से जुड़ी सभी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करेगा और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देगा।
सभी होटल और ढाबों को श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों और जीवन रक्षा के उपायों से संवेदनशील बनाया जाएगा। बैठक के समापन पर डॉ. आर राजेश कुमार ने सभी अधिकारियों को यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया।