रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में सनसनीखेज खुलासे, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की साजिश का पूरा खाका उजागर

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मुंबई: फिल्म निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना अब सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि संगठित अपराध की एक सुनियोजित साजिश बनकर सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरोपियों का नेटवर्क सक्रिय था, जिसने वारदात से पहले कई दिनों तक रोहित शेट्टी के घर और आसपास के इलाके की बारीकी से रेकी की।

Pre-Planned Attack with Professional Execution: जांच में सामने आया है कि रेकी के लिए जिस स्कूटर का इस्तेमाल किया गया, वही स्कूटर फायरिंग के बाद फरार होने के काम भी आया। अज्ञात शूटर ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की और तुरंत उसी स्कूटर पर सवार होकर मौके से भाग निकला। इसके बाद वह सीधे विले पार्ले रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां स्कूटर छोड़कर ट्रेन के जरिए मुंबई से बाहर निकल गया।

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पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल स्कूटर पुणे से 30 हजार रुपये में खरीदा गया था। यह स्कूटर मूल रूप से आनंद मारोटे के नाम पर रजिस्टर्ड था, जिसने इसे 6 अगस्त 2009 को खरीदा था। घटना से करीब 12 दिन पहले मारोटे ने यह स्कूटर गिरफ्तार आरोपी आदित्य गायकवाड़ को बेच दिया। इस सौदे के लिए पैसे कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने उपलब्ध कराए थे।

क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी समर्थ पोमाजी के निर्देश पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट स्कूटर को सड़क मार्ग से पुणे से लोनावाला लाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि इसे शूटर को सौंपा जा सके। हालांकि शूटर लोनावाला नहीं पहुंच पाया, जिसके बाद योजना बदली गई।

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इसके बाद आरोपियों ने घटना से करीब 10 दिन पहले स्कूटर मुंबई पहुंचाया और उसे अज्ञात शूटर को सौंप दिया। इसके बदले उन्हें अतिरिक्त पैसे भी दिए गए। पुलिस का कहना है कि मुंबई तक स्कूटर पहुंचाने वाले आरोपियों को यह जानकारी थी कि वे किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया था कि निशाना रोहित शेट्टी का घर है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि समर्थ पोमाजी ने मुख्य शूटर की सक्रिय मदद की। शुभम लोनकर के निर्देश पर समर्थ ने आदित्य गायकवाड़ के जरिए स्कूटर का इंतजाम कराया और पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। समर्थ लगातार शुभम के संपर्क में था और सिग्नल ऐप के जरिए उससे नियमित संवाद कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, शुभम के निर्देशों पर काम करते हुए समर्थ ने फायरिंग की पूरी योजना को जमीन पर उतारा।

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मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों—आदित्य गायकवाड़, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी और स्वप्नील सकट को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस साजिश के कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर की तलाश तेज कर दी गई है।

फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस हमले के पीछे मकसद क्या था और क्या इसके जरिए किसी तरह का संदेश देने की कोशिश की गई थी। रोहित शेट्टी के घर पर हुई यह फायरिंग अब मुंबई की कानून-व्यवस्था और सेलेब्रिटी सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।