रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऐतिहासिक राजस्व अर्जित किया है। इस वर्ष पार्क प्रशासन को पर्यटन और अन्य स्रोतों से 29.80 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।
सीटीआर के निदेशक डा. साकेत बडोला के अनुसार, इस वर्ष भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33 प्रतिशत और विदेशी पर्यटकों की संख्या में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। दिवसीय भ्रमण के लिए 4,25,095 भारतीय और 10,300 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जबकि रात्रि विश्राम में 23,100 भारतीय और 1,000 विदेशी सैलानियों ने कॉर्बेट की वादियों में प्रकृति का लुत्फ उठाया।
पर्यटकों की संख्या व राजस्व में बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष | भारतीय पर्यटक | विदेशी पर्यटक | कुल पर्यटक | प्राप्त राजस्व (रुपये में) |
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2023-24 | 3,35,475 | 9,180 | 3,44,655 | 23,29,00,000 |
2024-25 | 4,48,195 | 11,300 | 4,59,495 | 29,80,00,000 |
अक्टूबर से खुलता है पर्यटन सत्र
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र हर वर्ष 15 अक्टूबर से शुरू होता है। 15 नवंबर से ढिकाला जोन के खुलने के साथ ही रात्रि विश्राम की सुविधा भी शुरू हो जाती है।
बिजरानी, ढेला, झिरना, गर्जिया, दुर्गादेवी और ढिकाला जोन में पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेते हैं, जबकि बिजरानी, ढेला, झिरना और ढिकाला में रात्रि विश्राम की सुविधा मिलती है। पर्यटन सत्र 30 जून तक जारी रहता है, जबकि पार्क के भीतर रात्रि विश्राम 15 नवंबर से 15 जून तक ही किया जा सकता है।
पर्यटन उद्योग में आई इस बढ़ोतरी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा हुआ है।